हॉट भानजी सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरी नजर मेरी चचेरी बहन की जवान होती बेटी पर थी. वह भी मेरे साथ खुला व्यव्हार करती थी. एक बार वो मेरे घर रहने आई तो हम दोनों के बीच क्या हुआ?
गांव में मेरे ताऊ की बेटी जो मुझसे उम्र में कई साल बड़ी है, उसकी बेटी यानि मेरी भांजी बहुत ही खूबसूरत है, उसका गदराया बदन है.
मैंने जब पहली बार उसे देखा तो देखता ही रह गया.
तब वह जवान हो रही थी और मेरी उम्र 24 साल थी।
तभी से मैं उसे चाहने लगा था.
यह हॉट भानजी सेक्स कहानी उसकी लड़की की पहली चुदाई की है.
फिर क्या था … जब भी मौका मिलता, मैं कभी उसके घर पर या उनको अपने घर पर बुलाने लगा।
फिर पूरे 4 साल बाद उसको चोदने का मौका मिला.
वो भी जब मैं किसी की शादी में दीदी के घर गया तब तो मैं दीपिका को देखता ही रह गया.
उसके वो बड़े बड़े चूचे, रसीले होंठ जिनको देख कर ही लन्ड पानी छोड़ दे!
पूरी शादी में मैं बस उसको ही देखता रहा.
उसके घर जाते जाते ही वह मुझसे काफी घुलमिल गई थी.
जब मैं वापस घर आने लगा तो मैं दीदी से बोला- दीपिका को भेज दो मेरे साथ … अपनी नानी का हाथ बटा लेगी तो उनको भी आराम मिल जाएगा.
दीदी ने झट से उसको मेरे साथ मेरे घर भेज दिया।
दीपिका बाइक पर मुझसे ऐसे चिपक कर बैठी जैसे अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ बैठी हुई हो.
उसके नर्म नर्म चूचे मेरी पीठ को छू जाते तो मेरे पूरे बदन में एक करेंट सा दौड़ जाता था.
मैं जानबूझ कर बाईक को झटके देकर चला रहा था।
घर पर मैं उसको चोदने का प्लान बनाने लगा.
इस चक्कर में मैं उसकी हर इच्छा पूरी करने की कोशिश करता था।
फिर कुछ दिनों के लिए मेरी मम्मी पापा को कही जाना पड़ गया.
तो मम्मी ने दीपिका को समझाया- तुम अपने मामा का ख्याल रखना और डर लगे तो मामा के साथ ही सो जाना.
इतना सुनते मेरा लन्ड तो खुशी से उछलने लगा.
उसी रात टीवी पर रोमांटिक हॉरर फिल्म आ गई.
दीपिका और मैं काफी देर तक फिल्म देखते रहे।
मैंने गौर किया कि रोमांटिक सीन में दीपिका अपनी पैंटी सहला रही थी.
और डरावने सीन में मुझसे ‘मामा’ कह कर चिपक जाती थी.
उसके चिपकने से मैं काबू के बाहर हुआ जा रहा था.
फिर मैंने उससे कहा- टीवी बंद कर दो, नहीं तो भूत बाहर आ जायेगा.
तो वह डर गई और चारपाई पर जाकर लेट गई और डर से कांपने लगी.
मैं भी डर का बहाना बनाकर उसके साथ लेट गया.
मुझे तो बस उसको चोदना था.
मैंने उसको कस कर पकड़ लिया लेकिन वो काम्पती ही जा रही थी.
फिर मुझे लगा कि शायद दीपिका सो चुकी है तो मैंने धीरे से उसकी कुर्ती में अपना हाथ घुसा दिया और उसके स्तन को धीरे धीरे सहलाने लगा।
मैंने महसूस किया कि उसके निप्पल एकदम से टाइट हो गए हैं।
शायद दीपिका जाग गई थी लेकिन उसने कोई विरोध नहीं किया.
मैं उसके निप्पलों को सहलाता रहा.
मेरा लन्ड भी मेरी जवान भानजी की गांड में बिल्कुल फिट हो गया था।
अब मेरी भानजी गर्म होने लगी थी क्यूंकि उसके चूचे एकदम टाइट हो गए थे और हाथ मेरे अंडरवियर में घुसे जा रहे थे.
मैंने भी उसकी सलवार का नाड़ा खींच कर खोल दिया था.
और फिर धीरे से सलवार को नीचे खिसका दिया.
चूचे कसने के कारण मैंने अपना हाथ कुर्ती से बाहर खींच लिया था और हाथ सीधा दीपिका की पैंटी में डाल दिया.
दीपिका की चूत बिल्कुल चिकनी मक्खन ही तरह पिघली हुई थी.
शायद उसने आज ही अपनी झांटें साफ़ की थी।
मैंने एक उंगली उसकी चूत में डाली तो वह सिसक पड़ी.
मैं समझ गया कि दीपिका जाग रही है, बस सोने का नाटक कर रही है.
उसकी चूत से उंगली निकाल कर मैंने अपनी जीभ में लगाई तो मानो मैं जन्नत में पहुंच गया।
भानजी उसकी चूत का रस चाट कर मेरा 6 इंच का लन्ड चूत में घुसने को आतुर हो गया।
अब मैंने दीपिका का हाथ पकड़ा और सीधा अपने लन्ड पर रखकर उसको को मसवालने लगा.
दीपिका अच्छे से जाग चुकी थी और उसने मेरे लन्ड को कस कर पकड़ लिया और ऊपर नीचे करने लगी.
मुझे बड़ा ही मजा आ रहा था यह देख कर कि मेरी भानजी मेरा साथ दे रही है.
मैंने उसकी आंखों में आंखें डालकर इशारे से पूछा तो वह एकदम शरमा गई और सर हिला कर हां का इशारा दे दिया.
तब मैंने उसको किस करना शुरू किया.
तो वह बोली- मैं करूंगी.
मैंने कहा- ठीक है.
वह मेरे ऊपर चढ़ कर बैठ गई और मेरी शर्ट उतार कर फेंक दिया और बोली- यह बनियान भी उतारो.
मैंने उतार दी.
अब वह मेरे बदन को चूमे जा रही थी, कभी मेरे निप्पल मुंह में लेकर चूसती, कभी मेरे होंठों को चूसती.
मैं भौचक्का सा उसको देखे जा रहा था कि इसको क्या हुआ.
फिर वह बोली- मामा, मुझे अपना ये दिखाओ.
मैंने भी पूछा- क्या?
वह मेरी पैंट की ओर इशारा करके बोली- ये!
मैंने बोला- पहले इसका नाम बताओ?
तो वह शरमा कर धीरे से बोली- लन्ड!
उसके मुंह से लन्ड सुनकर मेरा लंड और टाइट हो गया.
मैंने कहा- अपने आप ही देख लो!
तो उसने मेरी पैंट को खोल कर अलग फेंक दिया और मेरे अंडरवियर को धीरे धीरे खिसकाने लगी.
मेरा लन्ड भी बाहर आने के लिए तड़प रहा था.
एकदम से बाहर आते ही दीपिका ने झट से लंड को पकड़ लिया और बोली- मामा, अब क्या करें?
मैंने कहा- अब तुम लेटो, मैं करूंगा!
वह सीधी लेट गई.
अब मेरी बारी थी.
मैंने उसकी कुर्ती को निकाल कर अलग कर दी.
अब उसकी गोल गोरी चूची पहली बार मेरी आंखों के सामने थी.
मैं एकदम से उनपर टूट पड़ा जैसे बरसों का प्यासा हूँ.
उसके चूचों को मैं अपने मुंह से चूस रहा था और उसके रसीले होंठों को भी चूस रहा था.
उसकी सलवार मैं पहले ही हटा चुका था तो अब पैंटी की बारी थी.
मैंने उससे पूछा- दीपिका, तुम्हारी चूत देख लूं?
वह बोली- देखो न … मैंने कब मना किया है!
मैं उसकी बातों से और उत्तेजित हो गया और उसकी पैंटी को धीरे से खिसका कर देखा तो देखता ही रहा.
उसकी चूत बिल्कुल चिकनी थी जैसे अभी रोएं तक नहीं निकले थे.
गोरी चूत में गुलाबी फांकें और उन फांकों के बीच में लाल फ़ूल था.
मैंने पहली बार किसी की चूत इतने करीब से देखी थी.
और वो भी अपनी सगी भांजी दीपिका की!
वह बोली- मामा, अब क्या करेंगे?
मैंने कहा- अब मैं तुम्हारी चूत को अपनी जीभ से चाटूंगा और तुम मेरे लन्ड को चाटना!
वह बोली- ठीक है।
अब हम दोनो 69 की पोजिशन में थे.
मैंने जैसे ही अपनी जीभ चूत में लगाई तो दीपिका एकदम अकड़ गई और अपनी चूत हिलाने लगी और मेरे लन्ड को भी चाटना शुरू कर दिया उसने.
उसके मुंह लगाते ही मेरा लन्ड हवा से बातें करने लगा जो ज्यादा नहीं 6 इंच लम्बा और लगभग 2.5 इंच मोटा था.
मेरा लंड उसके मुंह में सही से आ भी नहीं रहा था.
मगर वह उसको बराबर चूस रही थी.
लंबी चुसाई के बाद मेरे लन्ड ने अपना पूरा पानी मेरी भांजी के मुंह में छोड़ दिया.
मुंह में पानी पड़ते ही वह बोली- छी … ये क्या है?
मैंने कहा- अरे ये क्या … इसको पी जाओ!
तो उसने पूरा पानी चाट कर साफ़ कर दिया और बोली- टेस्टी था मामा, और पिलाओ!
मैंने कहा- रुको, जरा सबर करो. अभी तो यह शुरुआत है.
फिर उसने भी अपनी चूत का सारा पानी मेरे मुंह पर छोड़ दिया.
तब वह बोली- अब क्या करेंगे?
मैंने कहा- अब चुदाई होगी मेरे लन्ड से तुम्हारी चूत की … तुमको दर्द बर्दाश्त करना होगा.
वो बोली- ठीक है, करो!

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